Verified step-by-step solutions for your class notes.
लेखक ने सूर्यास्त का मनोहारी दृश्य कहाँ से देखा?
सही उत्तर: (ख) अरब सागर की ओर के ऊँचे टीले से।
लेखक पहले 'सैंड हिल' पर गया था, लेकिन वहाँ से सूर्यास्त का पूरा विस्तार नहीं दिख रहा था क्योंकि अरब सागर की तरफ एक और ऊँचा टीला था। अतः लेखक एक के बाद एक कई टीले पार करते हुए उस 'ऊँचे टीले' पर पहुँचा, जहाँ से उसने सूर्य को पानी की सतह में डूबते हुए (सूर्यास्त का दृश्य) देखा।
"मैं कुछ देर भूला रहा कि मैं मैं ही हूँ।" यह कथन लेखक की किस मनः स्थिति को दर्शाता है?
सही उत्तर: (ख) विस्मित हो जाना।
विवेकानंद चट्टान पर खड़े होकर, तीन ओर फैले हुए अनंत क्षितिज और हिंद महासागर के अथाह जल-विस्तार (शक्ति का विस्तार) को देखकर लेखक इतना विस्मित (आश्चर्यचकित) और तल्लीन हो गया कि वह अपना भौतिक अस्तित्व ही भूल गया और स्वयं को उस विशाल प्राकृतिक दृश्य का एक हिस्सा महसूस करने लगा।
"मैंने, सिर्फ मैंने उस चोटी को पहली बार सर किया हो।" इस कथन में कौन-सा भाव व्यक्त होता है?
सही उत्तर: (घ) संतुष्टि।
रेत के कई टीले पार करने के बाद थकावट के बावजूद जब लेखक सबसे ऊँचे टीले पर पहुँचा और वहाँ से उसे पच्छिमी क्षितिज का खुला विस्तार दिखाई दिया, तो उसे अपने 'प्रयत्न की सार्थकता' पर गहरी संतुष्टि और विजय का अनुभव हुआ (जैसे किसी ने कोई बड़ी चोटी फतह कर ली हो)।
“शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति" वाक्य में वर्णन है-
सही उत्तर: (ख) सागर की व्यापकता का।
लेखक ने यह वाक्य कन्याकुमारी में तीन समुद्रों (हिंद महासागर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी) के संगम-स्थल के अनंत जल-विस्तार और लहरों की अथाह शक्ति (सागर की व्यापकता) को देखकर कहा है।
लेखक की कन्याकुमारी की यात्रा का वर्णन पढ़कर कहा जा सकता है कि-
सही उत्तर: (ख) यह यात्रा को जीवंत अनुभूतियों से जोड़ता है।
मोहन राकेश का यह यात्रा-वृत्तांत केवल भूगोल का वर्णन नहीं है, बल्कि यह लेखक के विस्मय, रोमांच, भय (अँधेरे में भटकने का), और आत्मिक चेतना जैसी 'जीवंत अनुभूतियों' (Live experiences) का बहुत ही गहरा और मनोवैज्ञानिक चित्रण करता है।
यात्रियों का समूह सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए सैंड हिल की ओर बढ़ता जा रहा था लेकिन लेखक सैंड हिल पर पहुँचकर कुछ देर रुकने के बाद दूसरे टीले की ओर बढ़ने लगा। उसके ऐसा करने के पीछे मूल कारण क्या था?
लेखक सूर्यास्त के पूरे विस्तार को बिना किसी रुकावट के देखना चाहता था। सैंड हिल पर पहुँचकर उसने देखा कि सामने अरब सागर की तरफ एक और ऊँचा टीला था, जो दृश्य को ओट (आड़) में ले रहा था। इसी अवरोध से बचने और पश्चिमी क्षितिज के खुले विस्तार को देखने की तीव्र इच्छा के कारण लेखक सैंड हिल छोड़कर दूसरे ऊँचे टीले की ओर बढ़ गया।
लेखक ने कन्याकुमारी के स्थानीय लोगों के विषय में क्या-क्या बताया?
लेखक ने स्थानीय लोगों (विशेषकर नवयुवकों) के बारे में बताया कि:
"अपने प्रयत्न की सार्थकता से संतुष्ट होकर मैं टीले पर बैठ गया" इस पंक्ति में 'प्रयत्न की सार्थकता' से क्या अभिप्राय है?
'प्रयत्न की सार्थकता' का अभिप्राय उस कठिन परिश्रम की सफलता से है जो लेखक ने सूर्यास्त देखने के लिए किया था। रेत में धँसते पैरों और थकती टाँगों के बावजूद वह एक के बाद एक कई टीले पार करता गया। जब वह अंततः सबसे ऊँचे टीले पर पहुँचा और वहाँ से उसे दूर तक फैला खुला पच्छिमी क्षितिज (बिना किसी ओट के) दिखाई दिया, तो उसे लगा कि उसकी मेहनत सफल (सार्थक) हो गई है।
यात्रा-वृत्तांत में आए उन दृश्यों के विषय में लिखिए जिनका अनुभव लेखक के लिए बिल्कुल नया था।
लेखक के लिए निम्नलिखित दृश्यों का अनुभव बिल्कुल नया था:
यात्रा-वृत्तांत से ऐसे दो अंश चुनकर लिखिए जिससे लेखक की मानसिक दृढ़ता और हार न मानने की प्रवृत्ति का पता चलता है।
मोहन राकेश का 'आखिरी चट्टान तक' यात्रा-वृत्तांत केवल स्थान-चित्रण नहीं है बल्कि इसमें प्रकृति का सजीव रूपांकन, मानव-जीवन और आत्मानुभूति का गहरा समन्वय मिलता है। नीचे यात्रा-वृत्तांत के प्रमुख तत्वों/विशेषताओं को दर्शाया गया है। अपनी किसी यात्रा को इन बिंदुओं के माध्यम से समझाइए।
(यह एक प्रयोगात्मक गतिविधि है। छात्र अपनी किसी यात्रा, जैसे पहाड़ों या समुद्री तट की यात्रा का वर्णन इन 6 बिंदुओं के आधार पर करें। उदाहरणस्वरूप: पहाड़ों की यात्रा)
कन्याकुमारी की भौगोलिक स्थिति, परिवेश, महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल एवं जन-जीवन का वर्णन करते हुए बताइए कि वहाँ की स्थिति आपके राज्य अथवा शहर/गाँव से किस प्रकार भिन्न है?
कन्याकुमारी का वर्णन: भौगोलिक दृष्टि से कन्याकुमारी भारत का सुदूर दक्षिणी छोर है जहाँ तीन विशाल समुद्र (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर) मिलते हैं। यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विवेकानंद रॉक मेमोरियल, कन्याकुमारी मंदिर और तटों की रंग-बिरंगी रेत शामिल है। यहाँ के जन-जीवन में मछली पकड़ना, सीपियाँ व शंख बेचना और पर्यटन उद्योग पर निर्भरता प्रमुख है।
भिन्नता: (यदि छात्र उत्तर भारत या मैदानी इलाके का है) मेरा शहर समुद्री तट पर नहीं बल्कि समतल मैदानी/पर्वतीय क्षेत्र में है। हमारे यहाँ की जलवायु कन्याकुमारी की तरह आर्द्र (Humid) नहीं है। हमारा मुख्य व्यवसाय कृषि या कारखानों पर निर्भर है, जबकि वहाँ का जीवन समुद्र पर निर्भर है।
इस यात्रा-वृत्तांत में कन्याकुमारी में स्थित चट्टान को आखिरी चट्टान कहा गया है। पुस्तकालय या अन्य स्रोतों तथा समाज विज्ञान के अपने शिक्षक से बातचीत करके पता लगाइए कि वर्तमान समय में भारत का अंतिम छोर (दक्षिणतम बिंदु) किसे माना जाता है। उस स्थान के विषय में लिखिए।
यद्यपि कन्याकुमारी भारतीय मुख्यभूमि (Mainland) का अंतिम दक्षिणी छोर है, लेकिन संपूर्ण भारतीय भूभाग (द्वीप समूहों सहित) का वास्तविक दक्षिणतम बिंदु (अंतिम छोर) इंदिरा पॉइंट (Indira Point) है। यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 'ग्रेट निकोबार' द्वीप में स्थित है। 2004 में आई भयानक सुनामी के दौरान इसका बड़ा हिस्सा समुद्र में डूब गया था, लेकिन यह अभी भी भारत की भौगोलिक सीमा का सबसे अंतिम बिंदु माना जाता है।
आपकी कक्षा में कुछ विशेष आवश्यकता वाले साथी भी होंगे जिन्हें अपने दैनिक जीवन में अनेक तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता होगा। ऐसे साथियों को अगर किसी यात्रा पर जाना हो तो उनके समक्ष किस प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं? उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कुछ ऐसे सुझाव दीजिए जो उनकी यात्रा को सहज बनाने में उपयोगी हों।
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनमें क्रिया-विशेषण पदों की पहचान कीजिए तथा दिए गए उदाहरण के अनुसार लिखिए।
(क) बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं।
(ख) यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं।
(ग) मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा।
| वाक्य | क्रिया-विशेषण | क्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है |
|---|---|---|
| (क) बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं। | कटती हुई (रीतिवाचक) | 'आती थीं' क्रिया की विशेषता |
| (ख) यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं। | उस दिशा में (स्थानवाचक) | 'जा रही थीं' क्रिया की विशेषता |
| (ग) मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा। | देर तक (कालवाचक) | 'देखता रहा' क्रिया की विशेषता |
पाठ से चुनकर कुछ वाक्य नीचे तालिका में दिए गए हैं। इन वाक्यों में रेखांकित शब्दों का अर्थ बताते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए।
| शब्द | अर्थ | नया वाक्य |
|---|---|---|
| क्षितिज | वह स्थान जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए दिखाई देते हैं | शाम के समय क्षितिज पर डूबते सूरज की लालिमा बहुत सुंदर लगती है। |
| झुरमुट | पेड़ों या झाड़ियों का समूह जो कुंज जैसा हो | गाँव के बाहर बरगद के झुरमुट में पक्षियों का शोर गूँज रहा था। |
| ढलान | नीचे की ओर झुकाव वाला रास्ता (उतार) | साइकिल चलाते समय पहाड़ी ढलान पर ब्रेक पर नियंत्रण रखना जरूरी है। |
| श्रृंखला | लगातार क्रम, कड़ी या कतार | हिमालय पर्वत की श्रृंखला उत्तर भारत की सुरक्षा करती है। |
| बीहड़ | ऊबड़-खाबड़, भयानक या वीरान जंगल | चंबल के बीहड़ अपनी भौगोलिक संरचना के लिए जाने जाते हैं। |
Once this website finishes loading, every single subject, branch, chapter, and global search is already stored inside your browser's memory.