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⚔️ पाठ 11: झाँसी की रानी • व्याकरण की बात

Verified step-by-step solutions for your class notes.

Q1

नीचे तालिका में दी गई कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्द अनेकार्थी शब्द हैं। कविता के संदर्भ में उनके सही अर्थ पर घेरा लगाइए।

  • तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाईं
  • रानी विधवा हुई हाय! विधि को भी नहीं दया आई
  • रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में
  • हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी
  • मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी
  • कर: यहाँ 'कर' का सही अर्थ 'हाथ' है (यद्यपि यह विकल्प पुस्तक में मुद्रित नहीं है, कविता के अनुसार कर=हाथ है)।
  • विधि: यहाँ 'विधि' का सही अर्थ 'विधाता' (ईश्वर/भाग्य) है।
  • द्वंद्व: यहाँ 'द्वंद्व' का सही अर्थ 'युद्ध' है।
  • गोलों: यहाँ 'गोलों' का सही अर्थ 'तोप से दागने वाले गोले' है।
  • तेज: यहाँ 'तेज' का सही अर्थ 'आभा' (चमक/वीरता का प्रताप) है।
Q2

"कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन 'छबीली' थी" / "मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी"

उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों (कानपूर/कानपुर) की वर्तनी पर ध्यान दीजिए। इस कविता में अन्य शब्दों के भी ऐसे प्रयोग मिलते हैं, उन्हें ढूँढ़कर लिखिए और कक्षा में चर्चा कीजिए कि ऐसे प्रयोग क्यों किए गए हैं?

  • कविता में लय, तुकांत (rhyme) और गायन की सहजता को बनाए रखने के लिए कवयित्री ने जानबूझकर कुछ शब्दों की मानक वर्तनी में छूट ली है।
  • अन्य उदाहरण:
    - नव्वाबों (नवाबों)
    - देहली (दिल्ली)
    - नागपूर, उदैपूर, बंगाले (नागपुर, उदयपुर, बंगाल)
    - वीरवर आए काम ('काम आना' का अर्थ शहीद होना है)
  • कारण: इसे 'काव्यगत छूट' (Poetic License) कहा जाता है। लोक-काव्य और वीर-रस की कविताओं में गायन की सुविधा और ओजपूर्ण प्रवाह के लिए शब्दों को थोड़ा खींचकर या प्रादेशिक लहज़े में लिखा जाता है।
Q3

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए।

  1. अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी
  2. डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया
  3. राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया
  4. हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो सोई ज्योति जगानी थी
  5. मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी
काव्य पंक्तिप्रयुक्त मुहावरानया वाक्य
1. अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थीमुँह की खाना (बुरी तरह हारना)मोहन ने सोचा था कि वह आसानी से जीत जाएगा लेकिन अंत में उसे मुँह की खानी पड़ी।
2. डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई कायापैर पसारना / काया पलटना (अधिकार बढ़ाना / स्थिति पूरी तरह बदलना)व्यापार में मुनाफा होते ही उसने शहर भर में अपने पैर पसार लिए।
3. राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकरायापैरों ठुकराना (अपमानित करना / महत्व न देना)सत्ता के नशे में उसने अपने पुराने शुभचिंतकों को भी पैरों ठुकरा दिया।
4. हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो सोई ज्योति जगानी थीसोई ज्योति जगाना (खोया हुआ उत्साह या चेतना वापस लाना)स्वामी विवेकानंद ने युवाओं में देशभक्ति की सोई ज्योति जगाई।
5. मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थीधूम मचाना (प्रसिद्धि पाना / तहलका मचाना)भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर पूरी दुनिया में धूम मचा दी।