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✍️ पाठ 2: क्या लिखूँ?

Verified step-by-step solutions for your class notes.

Q1

"हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है... असली वस्तु है हैट, खूँटी नहीं।" निबंध में 'हैट' और 'खूँटी' का उल्लेख किस भाव को सबसे अधिक उजागर करता है?

  1. (क) विषय से अधिक लेखक के भावों की प्रधानता को दर्शाना
  2. (ख) विचार से अधिक तथ्य आधारित सामग्री को प्रमुख बताना
  3. (ग) शैली से अधिक भाषा व्यवस्था की उपयोगिता बताना
  4. (घ) उदाहरण से अधिक सिद्धांत आधारित लेखन का समर्थन करना

सही उत्तर: (क) विषय से अधिक लेखक के भावों की प्रधानता को दर्शाना।

लेखक के अनुसार, जब मन में लिखने का आवेग या स्फूर्ति होती है, तो विषय (खूँटी) कोई भी हो, असली चीज़ लेखक के मन के भाव (हैट) होते हैं, जिन्हें वह किसी भी विषय पर व्यक्त कर सकता है।

Q2

"उनमें लेखक की सच्ची अनुभूति रहती है... उसका उल्लास रहता है।" मानटेन की पद्धति लेखक के लिए किस निर्णय का आधार बनती है?

  1. (क) शैली और स्पष्ट-सहज भाषा को महत्व न देना
  2. (ख) परंपरागत निबंधकारों को अस्वीकार करना
  3. (ग) अध्ययन के बिना अपने विचार प्रस्तुत कर देना
  4. (घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना

सही उत्तर: (घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना।

मानटेन की पद्धति में लेखक जो कुछ स्वयं देखता, सुनता और अनुभव करता है, उसे सच्ची अनुभूति और स्वच्छंदता के साथ लिख देता है। इसी से प्रभावित होकर लेखक ने भी इसी पद्धति को अपनाने का निर्णय लिया।

Q3

“तरुणों के लिए भविष्य उज्ज्वल... वृद्धों के लिए अतीत सुखद..." यह तुलना किस पर आधारित है?

  1. (क) तर्क और भावना
  2. (ख) ज्ञान और शिक्षा
  3. (ग) परिश्रम और उपलब्धि
  4. (घ) अभिलाषा और अनुभव

सही उत्तर: (घ) अभिलाषा और अनुभव।

तरुणों (युवाओं) के पास भविष्य की अभिलाषाएँ और सपने होते हैं, जबकि वृद्धों के पास अपने बीते हुए कल (अतीत) के अनुभव होते हैं। दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं।

Q4

निबंध में अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है?

  1. (क) कविता लेखन की कला को समझाने के लिए
  2. (ख) एक साथ कई विषयों को संबोधित करने की प्रतिभा दिखाने के लिए
  3. (ग) ढोल के महत्व को दर्शाने के लिए
  4. (घ) सामाजिक सुधार के उदाहरण के रूप में

सही उत्तर: (ख) एक साथ कई विषयों को संबोधित करने की प्रतिभा दिखाने के लिए।

अमीर खुसरो ने चार औरतों की अलग-अलग इच्छाओं (खीर, चरखा, कुत्ता, ढोल) को एक ही पद्य में पिरो दिया था। इसी प्रतिभा (पद्धति) का उपयोग करके लेखक भी अपने दो अलग-अलग विषयों ('दूर के ढोल सुहावने' और 'समाज सुधार') को एक ही निबंध में समाहित करना चाहता है।

Q5

निबंध में समाज-सुधार के संदर्भ में क्या कहा गया है?

  1. (क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है।
  2. (ख) सुधार केवल बड़े विचारकों द्वारा संभव हैं।
  3. (ग) सुधार केवल आधुनिक युग की देन हैं।
  4. (घ) सुधारों का कोई अंत नहीं, लेकिन दोष समाप्त हो जाते हैं।

सही उत्तर: (क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है।

लेखक बताता है कि मानव इतिहास में ऐसा कोई काल नहीं हुआ जब सुधारों की आवश्यकता न पड़ी हो। जो कल के सुधार थे, वे आज के दोष बन जाते हैं और उनमें फिर से 'नव सुधार' की आवश्यकता होती है, इसीलिए जीवन प्रगतिशील है।

Q1

निबंध लेखन के विषय में ए.जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है?

  • ए.जी. गार्डिनर के विचार: वे मानते हैं कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति (आवेग और स्फूर्ति) होती है, जिसमें विषय गौण हो जाता है और लेखक के भाव (मनोभाव) अपने आप प्रवाहित होने लगते हैं।
  • लेखक के विचार: लेखक का मानना है कि उसने कभी उस 'मानसिक स्थिति' का अनुभव नहीं किया है। उसे निबंध लिखने के लिए विषय के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ता है, चिंता करनी पड़ती है और भारी परिश्रम करना पड़ता है।
Q2

लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, पर दोनों की असंतुष्टि के कारण भिन्न हैं। आपके विचार से उनकी असंतुष्टि के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

  • वृद्धों की असंतुष्टि: वे अपनी युवावस्था और अतीत के गौरव (स्मृतियों) से दूर हो चुके होते हैं। उन्हें लगता है कि उनका 'अतीत' वर्तमान से कहीं अधिक सुखद था, इसलिए वे अतीत के संरक्षक बन जाते हैं और वर्तमान में उसी को देखना चाहते हैं।
  • तरुणों (युवाओं) की असंतुष्टि: उनके लिए भविष्य उज्ज्वल होता है। वे संसार के कटु यथार्थ से दूर होते हैं और अपने सपनों (भविष्य) को वर्तमान में लागू करना चाहते हैं, इसलिए वे क्रांति के समर्थक होते हैं।
Q3

नमिता और अमिता किन विषयों पर निबंध लिखवाना चाहती हैं? उनके द्वारा सुझाए गए विषयों पर निबंध लिखने में लेखक को क्या-क्या कठिनाइयाँ आईं?

  • विषय: नमिता 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' पर और अमिता 'समाज-सुधार' पर निबंध लिखवाना चाहती है।
  • कठिनाइयाँ:
    (i) 'दूर के ढोल सुहावने' जैसे छोटे विषय पर पूरे पाँच पेज कैसे लिखे जाएँ?
    (ii) 'समाज-सुधार' जैसे अनंत काल से चले आ रहे विवादित और विशाल विषय को केवल पाँच पेज में कैसे समेटा जाए?
    (iii) समय का अभाव (केवल दो घंटे) और सामग्री एकत्र करने के लिए पुस्तकालय/विश्वकोश का न होना।
Q4

निबंधशास्त्र के आचार्यों ने आदर्श निबंध लिखने की कौन-सी युक्तियाँ सुझाई हैं? आप किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले किस तरह की तैयारी करते हैं?

  • आचार्यों की युक्तियाँ: निबंध छोटा होना चाहिए। इसके दो प्रधान अंग हैं- सामग्री और शैली। लिखने से पहले सामग्री एकत्र करनी चाहिए (मनन/अध्ययन) और निबंध की एक 'रूपरेखा' तैयार करनी चाहिए। भाषा में प्रवाह होना चाहिए, वाक्य छोटे हों लेकिन एक-दूसरे से संबद्ध हों।
  • मेरी तैयारी: (छात्र अपने विचार लिखें) मैं भी निबंध लिखने से पहले विषय का चुनाव करता हूँ, उससे संबंधित जानकारी (सामग्री) जुटाता हूँ, एक रूपरेखा (प्रस्तावना, मध्य भाग, उपसंहार) बनाता हूँ और फिर उसे अपनी भाषा में क्रमबद्ध रूप से लिखता हूँ।
Q5

मानटेन ने "जो कुछ देखा, सुना और अनुभव किया, उसी को अपने निबंधों में लिपिबद्ध कर दिया।" निबंध लेखन के लिए देखने, सुनने और अनुभव करने की क्या उपयोगिता हो सकती है?

निबंध लेखन में देखने, सुनने और अनुभव करने की सबसे बड़ी उपयोगिता यह है कि इससे निबंध में 'सच्ची अनुभूति' और 'सच्चे भावों की अभिव्यक्ति' आती है। जब लेखक स्वयं के अनुभव लिखता है, तो उसमें कृत्रिमता (बनावटीपन) नहीं होती, बल्कि उसका उल्लास झलकता है। इससे पाठक भी उस निबंध से भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है, जो केवल किताबी ज्ञान (गंभीर तर्कपूर्ण विवेचना) से संभव नहीं है।

Q1

पाठ में से चुनकर कुछ ऐसे और वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों का अपने शब्दों में भाव-विस्तार कीजिए-

  • “जो तरुण संसार के जीवन-संग्राम से दूर हैं, उन्हें संसार का चित्र बड़ा ही मनमोहक प्रतीत होता है।"
  • "मनुष्य जाति के इतिहास में कोई ऐसा काल ही नहीं हुआ, जब सुधारों की आवश्यकता न हुई हो।"
  • "आज जो तरुण हैं, वही वृद्ध होकर अतीत के गौरव का स्वप्न देखेंगे।"
  • "निबंध छोटा होना चाहिए। छोटा निबंध बड़े की अपेक्षा अधिक अच्छा होता है।"
  • भाव-विस्तार 1: युवा पीढ़ी अभी जीवन के यथार्थ (कठोर संघर्षों और कठिनाइयों) से अनजान होती है। वे भविष्य के सुनहरे सपने देखते हैं, इसलिए दूर से उन्हें यह दुनिया बहुत सुंदर और मनमोहक (आसान) लगती है।
  • भाव-विस्तार 2: समाज हमेशा प्रगतिशील होता है। समय के साथ पुराने नियम और व्यवस्थाएँ अपना महत्व खो देती हैं और वे दोष बन जाती हैं। इसलिए हर युग में इन दोषों को मिटाने के लिए नए सुधारकों और नए सुधारों की आवश्यकता पड़ती ही है।
  • भाव-विस्तार 3: जो युवा आज नई सोच और भविष्य की उम्मीदों से भरे हैं, समय बीतने के साथ जब वे वृद्ध होंगे, तो उनके लिए यही 'वर्तमान' उनका 'अतीत' बन जाएगा। तब वे भी अपनी युवावस्था को सबसे बेहतर मानकर उसी अतीत के गौरव के सपने देखेंगे।
  • भाव-विस्तार 4: बड़े निबंधों में अक्सर अनावश्यक विस्तार आ जाता है जिससे रचना की सुंदरता और प्रवाह टूट जाता है। इसके विपरीत, छोटा निबंध संक्षिप्त, स्पष्ट और गठा हुआ होता है, जो पाठक पर सीधा और गहरा प्रभाव डालता है।
Q1

निबंध में बुद्धदेव, महावीर स्वामी, नागार्जुन, शंकराचार्य, कबीर, नानक आदि कई महान व्यक्तियों के नाम आए हैं। इनके विषय में जानकारी एकत्रित करके संक्षेप में बताइए कि इन्होंने अपने समय में समाज के लिए क्या-क्या कार्य किए।

  • बुद्धदेव और महावीर स्वामी: इन्होंने समाज में फैली हिंसक बलि-प्रथा और कठोर वर्ण-व्यवस्था का विरोध किया और अहिंसा, समानता तथा शांति का मार्ग (बौद्ध और जैन धर्म) दिखाया।
  • शंकराचार्य: इन्होंने पूरे भारत में घूमकर अद्वैत वेदांत का प्रचार किया और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक एकता स्थापित करने के लिए चार मठों की स्थापना की।
  • कबीर और नानक: भक्तिकाल के इन संतों ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया, मूर्तिपूजा, बाह्य आडंबरों और जाति-पाँति का कड़ा विरोध किया और एकेश्वरवाद (निर्गुण भक्ति) का संदेश दिया।
Q1

'आम के आम गुठलियों के दाम' लोकोक्ति और 'जैविक खाद की निर्मिति में हमारा प्रयास' विषय को मिलाकर एक संक्षिप्त लेख तैयार कीजिए।

जैविक खाद: आम के आम गुठलियों के दाम

आजकल रासायनिक खादों ने हमारी मिट्टी को जहरीला कर दिया है। इसका सबसे अच्छा विकल्प जैविक खाद (Organic Compost) है। हम अपने घरों से निकलने वाले गीले कचरे—सब्जियों के छिलके, फलों के अवशेष (जैसे आम की गुठलियाँ), और चायपत्ती—को कूड़े में फेंकने के बजाय एक गड्ढे या डब्बे में जमा कर सकते हैं। कुछ ही हफ्तों में यह कचरा सड़कर बेहतरीन जैविक खाद में बदल जाता है। इससे एक ओर जहाँ हमारे घर का कचरा साफ (प्रबंधित) हो जाता है, वहीं दूसरी ओर हमारी बालकनी या खेत के पौधों को मुफ्त में उत्तम पोषण मिल जाता है। इसे ही कहते हैं—आम के आम और गुठलियों के दाम!

Q2

"जब ढोल के पास बैठे हुए लोगों के कान के पर्दे फटते रहते हैं, तब दूर किसी नदी के तट पर संध्या समय, किसी दूसरे के कान में वही शब्द मधुरता का संचार कर देते हैं।"
अपने अनुभव के आधार पर किसी ऐसी घटना का उल्लेख अपनी डायरी में कीजिए, जब किसी वस्तु, व्यक्ति या संस्था के विषय में दूर से आपका अनुमान कुछ और रहा हो, पर निकट से आपका अनुभव बिल्कुल अलग रहा हो।

डायरी लेखन:

दिनांक: २३ नवंबर
आज मुझे 'दूर के ढोल सुहावने' वाली कहावत का असली मतलब समझ आया। मुझे हमेशा लगता था कि मेरे दूर के रिश्तेदार जो महानगर (मुंबई) में रहते हैं, उनका जीवन कितना चकाचौंध और मजे से भरा होगा। आज मैं उनके घर रहने आया हूँ। यहाँ का जीवन बहुत मशीन की तरह है। सुबह से लेकर रात तक बस लोकल ट्रेन की भागदौड़, प्रदूषण, और समय की भारी कमी। पास बैठकर देखा तो समझ आया कि जिस ढोल (महानगर) की आवाज़ मुझे गाँव से मधुर लगती थी, वह असल में कितना कर्कश और थका देने वाला है। सच में, दूर से चीजें जैसी दिखती हैं, पास से वैसी नहीं होतीं!

Q1

निबंध में ऐसे अनेक सामासिक शब्द आए हैं। उन शब्दों को ढूँढ़कर उनका समास विग्रह कीजिए और समास का नाम लिखिए।

सामासिक पदसमास विग्रहसमास का नाम
निबंधशास्त्रनिबंध का शास्त्रतत्पुरुष समास (संबंध तत्पुरुष)
विचार-समूहविचारों का समूहतत्पुरुष समास
समाज-सुधारसमाज का सुधारतत्पुरुष समास
जीवन-संग्रामजीवन रूपी संग्रामकर्मधारय समास
नव-वधूनई है जो वधूकर्मधारय समास
छोटे-छोटेछोटे और छोटे (पुनरुक्त)अव्ययीभाव समास
Q2

नीचे दिए गए वाक्यों को उचित उपसर्ग या प्रत्यय लगाकर पूरा कीजिए-

  • निबंध लिखना बड़ी _____ (कठिन) की बात है।
  • वर्तमान से दोनों को _____ (संतोष) होता है।
  • वाक्यों में कुछ _____ (स्पष्ट) भी चाहिए, क्योंकि यह _____ (स्पष्ट) या _____ (बोध) गांभीर्य ला देती है।
  • निबंध लिखना बड़ी कठिनाई की बात है। (कठिन + आई प्रत्यय)
  • वर्तमान से दोनों को असंतोष होता है। (अ उपसर्ग + संतोष)
  • वाक्यों में कुछ अस्पष्टता भी चाहिए, क्योंकि यह अस्पष्टता या दुर्बोधता गांभीर्य ला देती है। (अ उपसर्ग + स्पष्ट + ता प्रत्यय, दुर् उपसर्ग + बोध + ता प्रत्यय)
Q3

नीचे दिए गए शब्दों में उपसर्ग या प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाकर लिखिए। (सुधार, सुंदर, गति, समाज)

  • सुधार: सुधारक (सुधार + क), असुधार्य (अ + सुधार्य)
  • सुंदर: सुंदरता (सुंदर + ता), सौंदर्य (सुंदर + य)
  • गति: प्रगति (प्र + गति), गतिशील (गति + शील)
  • समाज: सामाजिक (समाज + इक)
Q4

इस पाठ में अनेक ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है जिनके अर्थ परस्पर मिलते-जुलते हैं। (जैसे विचार-मनन-चिंतन या सुहावने-मधुर-मनमोहक)। पाठ में से ऐसे शब्द ढूँढ़िए तथा वाक्य प्रयोग के द्वारा उनके अर्थ स्पष्ट कीजिए।

  • विषाद - अवसाद (दुख/निराशा): लगातार असफलताओं के कारण वह गहरे विषाद (या अवसाद) में चला गया है।
  • विज्ञ - आचार्य (विद्वान/जानकार): निबंधशास्त्र के आचार्यों (या विज्ञों) ने निबंध लिखने के कई तरीके सुझाए हैं।
  • स्फूर्ति - उल्लास (ताज़गी/खुशी): सुबह-सुबह की ठंडी हवा शरीर में स्फूर्ति और मन में उल्लास भर देती है।