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🪶 पाठ 7: मैं और मेरा देश • मेरे अनुभव मेरे विचार

Verified step-by-step solutions for your class notes.

Q1

"देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है", अपने आस-पास के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

भाव: यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि नागरिक और देश की छवि एक-दूसरे का प्रतिबिंब (Reflection) होती है।

  • गौरव का उदाहरण: जब नीरज चोपड़ा या इसरो के वैज्ञानिक ओलंपिक या अंतरिक्ष मिशन में सफलता प्राप्त करते हैं, तो वे केवल अपना सम्मान नहीं बढ़ाते, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का मस्तक गर्व से ऊँचा कर देते हैं।
  • हीनता का उदाहरण: जब कोई नागरिक विदेशों में जाकर कोई अपराध करता है या अंतरराष्ट्रीय खेल में डोपिंग (नशे) का दोषी पाया जाता है, तो केवल उसकी बदनामी नहीं होती, बल्कि विदेशी मीडिया पूरे भारत की छवि को हीन दृष्टि से देखने लगता है। अतः नागरिक के कर्म ही देश का भाग्य तय करते हैं।
Q2

"मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।"
(क) प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक आप अपने किन-किन कार्यों में किस-किसका क्या सहयोग लेते हैं और आप दूसरों को किस तरह का सहयोग देते हैं?
(ख) उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द 'बहुतों' में कौन-कौन सम्मिलित होंगे?
(ग) रचनाकार को स्वयं के लिए दूसरे लोगों से किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी...

  • (क) मेरा अनुभव: मैं सुबह उठकर नाश्ते के लिए माता-पिता पर, ज्ञान के लिए शिक्षकों पर, स्कूल जाने के लिए बस ड्राइवर पर निर्भर हूँ। बदले में, मैं अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाने में, माता-पिता के घरेलू कार्यों में और सहपाठियों की पढ़ाई में उनकी मदद करके सहयोग देता हूँ।
  • (ख) 'बहुतों' में कौन सम्मिलित होंगे: इसमें परिवार के सदस्य, पड़ोसी, समाज के विभिन्न पेशों से जुड़े लोग (किसान, शिक्षक, डॉक्टर, सफाईकर्मी, व्यापारी) और अंततः पूरा राष्ट्र सम्मिलित है।
  • (ग) रचनाकार का सहयोग: एक लेखक के रूप में रचनाकार को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए किसानों, बुनकरों और समाज की सेवाओं की आवश्यकता पड़ती होगी। बदले में, वह समाज को अपने विचारों, ज्ञान और साहित्य के माध्यम से जागरूक और प्रेरित करने का सहयोग देता होगा।
Q3

"सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।"
(क) देश की प्रगति, विकास एवं सुरक्षा के प्रति हम सभी के क्या-क्या दायित्व हैं?
(ग) इस निबंध में जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है?

  • (क) हमारे दायित्व: जिस प्रकार युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़ा जाता, उसी प्रकार देश की प्रगति में हर व्यक्ति का योगदान होता है। एक किसान का अनाज उगाना, एक शिक्षक का ज्ञान देना, एक सफाईकर्मी का स्वच्छता रखना, और एक आम नागरिक का वोट सही व्यक्ति को देना—यह सभी देश के विकास और सुरक्षा के महत्वपूर्ण मोर्चे हैं।
  • (ग) जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है: जीवन में हर पल कठिनाइयों, असफलताओं और नकारात्मक शक्तियों से संघर्ष करना पड़ता है। मनुष्य को अपनी आजीविका कमाने, समाज में सम्मान पाने और अपने देश की गरिमा को बनाए रखने के लिए निरंतर सचेत और संघर्षरत रहना पड़ता है, इसीलिए जीवन को एक बहुमुखी युद्ध कहा गया है।
Q4

"अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।"
(क) उपर्युक्त पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?
(ख) वर्तमान समय में ऐसे संबंधों में किस तरह के परिवर्तन आए हैं और इनके क्या कारण हो सकते हैं?

  • (क) पारस्परिक संबंध: पहले के समय में पड़ोसियों के बीच एक बड़े संयुक्त परिवार जैसा संबंध होता था। लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे, बच्चों को पूरे मोहल्ले का प्यार और संरक्षण मिलता था, और समाज में गहरी आत्मीयता व संगठन था।
  • (ख) वर्तमान परिवर्तन और कारण: आज के समय में पड़ोसियों के बीच आत्मीयता कम हो गई है। लोग अक्सर अपने पड़ोसियों का नाम तक नहीं जानते। इसके कारण हैं—तेजी से बढ़ता शहरीकरण, एकल परिवारों (Nuclear families) का चलन, व्यस्त दिनचर्या, और मोबाइल व इंटरनेट के कारण भौतिक दुनिया से कटकर आभासी (Virtual) दुनिया में सिमट जाना।
Q5

"क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?" अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?

सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक स्थानों के सौंदर्य को बनाए रखने के लिए हम निम्नलिखित कार्य करते हैं:

  • सड़कों, पार्कों और ऐतिहासिक स्मारकों पर कभी कूड़ा या प्लास्टिक नहीं फेंकते, हमेशा कूड़ेदान का ही उपयोग करते हैं।
  • सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर कभी नाम लिखकर या पान/गुटखा थूककर उन्हें गंदा नहीं करते।
  • भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अनुशासन बनाए रखते हैं और ठेलमठेल नहीं करते।
  • समय-समय पर विद्यालय और मोहल्ले में 'स्वच्छता अभियान' चलाकर लोगों को जागरूक करते हैं।
Q6

"मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।" देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें?

क्या करें (कर्तव्य)क्या नहीं करें (निषेध)
हर छोटा-बड़ा कार्य पूरी निष्ठा और अच्छी भावना के साथ करें।सार्वजनिक स्थानों (बस, रेल, क्लब) में देश की बुराई या नकारात्मक चर्चा न करें।
चुनाव में जाति या लालच से ऊपर उठकर सबसे योग्य और ईमानदार व्यक्ति को ही अपना मत (Vote) दें।सड़कों पर कूड़ा न फेंकें और दीवारों पर गंदगी या पीक न थूकें।
अपने देश की विशेषताओं पर गर्व करें और सामूहिक आत्मविश्वास (शक्ति-बोध) को बढ़ाएँ।गलत लोगों के उत्तेजक नारों या प्रभाव में आकर कभी गलत निर्णय न लें।