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🦜 पाठ 3: संवादहीन • विधा से संवाद

Verified step-by-step solutions for your class notes.

Q1

संवादहीन कहानी में अनेक विशेष बिंदु हैं जो इसे प्रभावपूर्ण बनाते हैं। नीचे कहानी के कुछ विशेष बिंदु और उनके उदाहरण दिए गए हैं। आप भी कहानी से इसी प्रकार के एक-एक उदाहरण खोजकर लिखिए (चित्रात्मकता, संवादात्मकता, पुनरुक्ति, अतिशयोक्ति, लोकधर्मी भाषा, प्रश्नोत्तर शैली)।

विशेष बिंदुकहानी से अन्य उदाहरण
चित्रात्मकता (दृश्य बिंब)"ढीली धोती को दोनों हाथों से सँभालते हुए वह बाग में एक पेड़ से दूसरे पेड़ के पास पसीना-पसीना होते रहे।"
संवादात्मकता"जीते रहो बेटा, जुग जुग जिओ" और मिट्ठू का जवाब "खुश रहो! खुश रहो!!"
पुनरुक्ति"हर हर गंगे ! हर हर गंगे !!" या "मर जा! मर जा!!"
अतिशयोक्ति"उन्हें देखते ही मिट्ठू 'राम राम सीताराम' की रट लगाकर आसमान सिर पर उठा लेगा।"
लोकधर्मी भाषा"अपनी अकेली जान के लिए ताई दो जून का एक जून चूल्हा फूँक लेतीं"
प्रश्नोत्तर शैली"भगवान ! कैसे नैया पार लगेगी?"
Q2

आपके अनुसार 'संवादहीन' कहानी के अंत को किस श्रेणी में रखा जा सकता है? अपने उत्तर के कारण भी बताइए। आप इस कहानी का नया अंत किस प्रकार करना चाहेंगे?

  • कहानी की श्रेणी: इस कहानी का अंत 'मुक्त अंत' (Open-ended) और 'यथार्थवादी अंत' (Realistic) की श्रेणी में रखा जा सकता है।
  • कारण: कहानी यह स्पष्ट नहीं करती कि ताई ने जब नए तोते को 'संवादहीन' (चुप) देखा तो उन्होंने क्या प्रतिक्रिया दी, वे रोईं या क्रोधित हुईं। इसे पाठकों के सोचने के लिए छोड़ दिया गया है। साथ ही, यह यथार्थवादी भी है क्योंकि जीवन में हमेशा 'सुखांत' (Happy ending) नहीं होता, ताई का अकेलापन फिर से उन पर हावी हो गया।
  • नया अंत: मैं चाहूँगा कि ताई को जब सच्चाई का पता चले, तो वे कुछ देर रोएँ, लेकिन फिर वे समझ जाएँ कि पंछी की जगह खुले आसमान में ही है। वे स्वयं उस 'एवजी तोते' को आज़ाद कर दें और गाँव के छोटे बच्चों को इकट्ठा करके उन्हें गीता और रामायण की कहानियाँ सुनाना शुरू करें, जिससे उनका संवाद फिर से स्थापित हो सके।