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एकांकी 'रीढ़ की हड्डी' का शीर्षक किसका प्रतीक है?
सही उत्तर: (ग) आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता का।
'रीढ़ की हड्डी' (Backbone) यहाँ शारीरिक नहीं, बल्कि चारित्रिक और नैतिक बल का प्रतीक है। जो व्यक्ति आत्म-सम्मान से रहित, कायर और दूसरों की इच्छाओं पर निर्भर होता है (जैसे शंकर), उसे बिना 'रीढ़ की हड्डी' वाला कहा जाता है।
'रीढ़ की हड्डी' एकांकी में किस पर व्यंग्य किया गया है?
सही उत्तर: (घ) समाज की अनुचित मान्यताओं और दिखावे पर।
इस एकांकी में लड़कियों की उच्च शिक्षा का विरोध करने वाली रूढ़िवादी सोच, विवाह के नाम पर लड़कियों की 'नाप-तौल' करने की प्रथा, और समाज के दोहरे मापदंडों (दिखावे) पर करारा व्यंग्य किया गया है।
"घर जाकर ज़रा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं" यह वाक्य शंकर की किस छवि को उजागर करता है?
सही उत्तर: (क) नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता।
उमा का यह कथन शंकर के उस कायरतापूर्ण चरित्र को उजागर करता है जब वह गर्ल्स हॉस्टल के चक्कर काटते हुए पकड़ा गया था और अपमानित होकर भागा था। उसका अपना कोई व्यक्तित्व या आत्मबल (रीढ़ की हड्डी) नहीं है।
"जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ। मैंने बी.ए. पास किया है।" उमा की दृष्टि में शिक्षा प्राप्त करने का सही अर्थ है?
सही उत्तर: (घ) आत्मबल और स्वतंत्र विचार रखना।
उमा मानती है कि शिक्षा कोई चोरी या पाप नहीं है। शिक्षा व्यक्ति को अपने मान-सम्मान की रक्षा करने का हौसला (आत्मबल) देती है और उसे अपने विचार स्वतंत्रतापूर्वक रखने के योग्य बनाती है।
गोपालप्रसाद और रामस्वरूप में क्या-क्या समानताएँ हैं?
सही उत्तर: (ख) दोनों दिखावे और परंपरा के शिकार हैं।
गोपालप्रसाद पुरानी और रूढ़िवादी सोच के कारण कम पढ़ी-लिखी बहू चाहते हैं। वहीं रामस्वरूप प्रगतिशील (लड़की को बी.ए. पढ़ाने वाले) होते हुए भी समाज के झूठे दिखावे और दबाव में आकर अपनी बेटी की शिक्षा छिपाते हैं। इस प्रकार दोनों ही किसी न किसी रूप में झूठे दिखावे और सड़ी-गली परंपराओं के शिकार हैं।
इस एकांकी की संवाद शैली मुख्यतः कैसी है?
सही उत्तर: (ख) स्वाभाविक और व्यंग्यपूर्ण।
एकांकी के संवाद आम बोलचाल की भाषा में बहुत स्वाभाविक लगते हैं, लेकिन उनके भीतर तत्कालीन समाज की रूढ़िवादी मानसिकता और दोहरे चरित्र पर तीखा व्यंग्य छिपा हुआ है (जैसे खूबसूरती पर टैक्स की बात या औरतों की शिक्षा पर तर्क)।
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